Tuesday, 13 January 2015

Polio-free status of Gujarat celebrated

The World Health Organization Country Office for India joined the government of Gujarat to celebrate its polio-free status on 11 January 2015 at Gandhinagar, the state capital.
Mrs Ban Soon-taek, wife of Mr Ban Ki-moon, United Nations Secretary-General and Dr Nata Menabde, WHO Representative to India felicitated the state officials for their role in polio eradication at this special event.
The special celebration was held in the august presence of Mr Nitinbhai Patel, Minister of Health; Mr Shankarbhai Chaudhary, Minister of State for Health; Mrs Ban Soon-taek; Shri Anil Mukim, Principal Secretary, Health and Family Welfare, Gujarat; Shri J. P. Gupta, Commissioner, Health & Family Welfare, Gujarat; Mr Louis Georges Arsenault, UNICEF Representative to India; Dr Pradeep Haldar, Deputy Commissioner, Immunization, Ministry of Health & Family Welfare, Government of India and and senior officials from Gujarat government and WHO India, partner agencies as well as ASHA and ANM representatives.
Speaking on the occasion, Mrs Ban Soon-taek said, “The achievement of a polio-free status by Gujarat, India and all countries of the South East Asian Region of WHO is indeed an important milestone."
She congratulated the national, state and local governments for their strong will and painstaking efforts to drive out polio.
"I also commend the tireless efforts of health workers who had to travel long distances to ensure that every child received the oral polio vaccine – not once but multiple times in a year and for many, many years," Mrs Ban Soon-taek added.
Thanking WHO for this special honour, Mr Nitinbhai Patel, Health Minister, Government of Gujarat said, "For Gujarat, every child is precious and we will further step up our efforts to secure the health and well-being of every child in the state," he said. "We are also working on further strengthening the health system for health and equity in the state," he added.

Congratulating the government of Gujarat and the people of the state for their role in polio eradication, Dr Nata Menabde, WHO Representative to India highlighted that Gujarat became polio-free much early, in 2007 itself, with its stupendous and dedicated efforts. It was an important milestone in India’s war against polio.
“India’s fight against polio exemplifies the spirit and determination of its people and is an embodiment of dedication, innovation and synergy. India is polio-free due to the painstaking efforts of each one of you present here. You have not just created history but gifted an entire generation of this country a life free of polio,” she added.
In her address, Dr Menabde underscored that India’s success against polio has many lessons, which are being replicated by ongoing health programmes in India as also by polio-affected countries for protecting children from other vaccine preventable diseases.
“WHO is fully committed to protecting all children from other vaccine preventable diseases. The existing polio network is being involved to intensify routine immunization, support measles elimination and strengthen the health system so that people are able to access services of good quality without suffering financial hardship when paying for them,” she said.

Wednesday, 19 March 2014

सम्मान कुछ विभूतियों का

पुरूस्कार नामांकन घोषणा

इस वर्ष से इन्स्टीट्यूट ऑफ़ जनरेशन एजुकेशन एंड एम्पावरमेंट  Institute of Generation Education and Empowerment द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरूस्कार प्रदान किये जायेंगें.
जिन केटेगरी में पुरूस्कार दिए जायेंगें

1. सामाजिक चेतना में सर्वोत्कृष्ट योगदान के लिए तीन पुरूस्कार.
2. शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में तीन पुरूस्कार.
3. प्रगतिशील साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दो पुरूस्कार.
4. मानवाधिकार, महिला-अधिकारों के लिए कार्य करने वाले तीन लोगों को पुरूस्कार.
5. विज्ञान संचेतना और शोध एवं विकास के लिए उत्कृष्ट कार्यों के लिए तीन पुरूस्कार.
6. यूथ एक्सीलेंसी अवार्ड, सामाजिक और विकास के कार्यों में विशेष भूमिका के लिए 10 पुरूस्कार.
पुरूस्कारों के लिए नामांकन के लिए अंतिम तिथि 15 अप्रैल है.

1. कोई भी भारतीय नागरिक इन पुरूस्कारों के लिए अपना नामांकन भेज सकता है.
2. नामांकन के लिए किये गये कार्यों की पूर्ण सूची और जीवन वृत्त भेजना अनिवार्य है. कोई भी व्यक्ति या संगठन केवल एक केटेगरी में ही आवेदन कर सकता है.
3. कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति या संगठन को भी नामांकित कर सकता है.

सभी प्रविष्टियाँ डाक (केवल स्पीड पोस्ट या कोरियर) से भेजी जानी अनिवार्य हैं.

mail: igee.info@gmail.com
Phone: +91-11-27932942

प्रविष्टियाँ डाक द्वारा भेजने का पता:
(सुषमा पाण्डेय)
इन्स्टीट्यूट ऑफ़ जनरेशन एजुकेशन एंड एम्पावरमेंट
92, प्रथम तल, पाकेट 22 सेक्टर 24 रोहिणी
नयी दिल्ली, 110085

Thursday, 27 February 2014

नयी राहें नये मुकाम

Get your own Wavy Scroller

इन्स्टीट्युट ऑफ़ एजुकेशन एंड एम्पावरमेंट, नयी दिल्ली कुछ नये उद्देश्यों को अपने कार्य क्षेत्र में जोड़ रहा है.
1. अन्य समान विचारधारा के संस्थानों के साथ टाई-अप जिससे पूर्व निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति करना आसान हो.
2. स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुदृढ़ता प्रदान करना.
3. स्वयंसेवकों को कार्यानुभव के लिए अन्य संस्थाओं में भेजना और अन्य संस्थाओं के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करना.
4. कार्यों के लिए फंड जनरेट करने के लिए एक व्यापक और सुलभ योजना की शुरूआत करना.
5. नवोदित संस्थानों और व्यक्तियों को सश्क्तिकरण के कार्यों के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें आर्थिक मदद के स्रोत प्रदान करना.
6. प्रतिदिन एक न्यूनतम योगदान के लिए जन-जागरण का अभियान आरम्भ करना.
7. सोशल साइट्स और ई-मीडिया के द्वारा प्रोजेक्ट की जानकारियाँ लगातार अपडेट करना.
8. व्यापक सदस्यता अभियान चला अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना.
9. एजुकेशन मंत्रा (एजुकेशन पोर्टल) और इनसाईट स्टोरी (मीडिया पोर्टल) को IGEE बैनर तले लेकर आना.
10. स्किल्ड, सेमी-स्किल्ड और अन-स्किल्ड प्रोफेशनल के लिए विशेष सर्टीफिकेशन प्रोग्राम चलाना.
दिनांक 5-6 मार्च को कानपुर (उ.प्र.) में अन्य संस्थानों के साथ मिल इन सभी बिन्दुओं पर व्यापक चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित है. 

Monday, 30 December 2013


  1. पूर्ण स्पांसरशिप प्रोग्राम: 82 छात्र-छात्राओं को पढाई के लिए पूर्ण स्पांसरशिप दी गयी है जो देश के नामी स्कूलों में पढ़ रहें हैं. 
  2. 122 छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए और 9 से 12 वीं तक की पढ़ाई के लिए मुफ्त गाइडेंस दी जा रही है. अभी तक 8000 से ज्यादा स्टूडेंट्स इस सुविधा का सीधा लाभ उठा चुके हैं वालियेंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम इसके अंतर्गत विभिन्न संस्थानों में कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाता है. 
  3. मोटिवेशन और प्रशिक्षण प्रोग्राम: संस्थान अपने विशेषज्ञों की मदद से विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मोटिवेशन प्रोग्राम चला रहा है. इसके अंतर्गत विशेषकर युवाओं को लीडरशिप और मोटिवेशन की वैज्ञानिक तकनीक सिखाई जाती है. 
  4. विकल्प के नाम से एक स्टूडेंट हैल्प लाइन भी चलाई जा रही है जिसमें देश के किसी भी कोने से कोई भी छात्र अपनी परीक्षाओं से सम्बंधित समस्या पर विमर्श कर सकता है. 
  5. स्किल बेस्ड एजुकेशन के साथ-साथ अन्स्किल्ड प्रोफेशनल को सर्टीफिकेशन के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की योजना का प्रारूप तैयार कर रहा है. जो अपने तरह का पहला प्रोजेक्ट है. इसके अंतर्गत प्रथम चरण में कम से कम 5000 प्रोफेशनल को रजिस्टर्ड करने का टार्गेट रखा जा रहा है. साह्वेस कानपुर और ख्वाब फाउन्डेशन मोतिहारी के साथ मिलकर संस्थान कई प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है. 
  6. विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ कई विषयों में पार्टनरशिप के प्रोग्राम भी चलाए जा रहें हैं, जिससे करीब 20000 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा गया है. 
  7. विभिन्न त्रासदियों के समय स्वयंसेवकों की भूमिका और सहायता सुनिश्चित करना. 
  8. रोजगार के मौलिक अधिकार के लिए एक लड़ाई की शुरूआत की जा चुकी है और संविधान के दायरे में सुनिश्चित रोजगार की मांग के साथ मैदान में हैं . 
  9. देश के समर्थ नागरिकों को राष्ट्रहित में स्व-योगदान के लिए तैयार किया जा रहा है. 

Sunday, 23 June 2013

उनका कौन है जिनका सब लूट गया

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुयी तबाही ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. देवभूमि उत्तराखंड की इस आपदा ने देश के हर कोने को प्रभावित किया है. सरकारों द्वारा तमाम प्रयास किये जा रहें हैं, लेकिन उन प्रयासों में मुख्य प्रयास लोगों को बचाने के लिए हो रहें हैं जो वहां फसें हैं. वहां के हजारों उन मूल वाशिंदों की ओर कोई नहीं देख पा रहा जिनका सब खत्म हो गया. आइये कुछ सोचे उनके लिए.


दोस्तों उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आसान नहीं है, लेकिन अपनों की पीड़ा से खुद को जोड़ इस दर्द को बाँट सकते हैं. यहाँ सरकारी मदद तो केवल बचाव कार्यों के लिए मिल पा रही है लेकिन जो गाँव पूरे तबाह हो गये हैं बच्चे अनाथ हो गये हैं, उनकी पढ़ाई आगे हो पाए ये संभव नहीं दिख रहा है. “Institute of Generation Education and Empowerment”, थोड़ी राहत के बाद इन बच्चों के भविष्य और पढ़ाई के लिए सुचारू व्यवस्था करेगा. आप सब से अपील है की इस कार्य में पूरा सहयोग दें.... आर्थिक सहायता के साथ स्टेशनरी, लेखन सामाग्री आदि भेज कर मदद करें इस समाज के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी है. सभी सहायता यहाँ इस पते पर भेज दें.
समन्वयक, इंस्टीटयूट आफ जनरेशन एजुकेशन एंड एम्पावरमेंट
92, First Floor, Pocket 22, Sector 24, Rohini-110085
Mob: 8586080675/8595089669
नोट: कोई भी आर्थिक या अन्य  सहायता बिना नाम पते के स्वीकार नहीं की जायेगी और 48 घंटे के भीतर स्वयंसेवक के द्वारा रसीद और धन्यवाद पत्र भेज दिया जाएगा. सभी दोस्तों से अपील है की फ़ार्म में स्वयंसेवक की तस्वीर का मिलान कर ही कोई सहायता दें. स्टेशनरी, लेखन सामाग्री सीधे कोरियर से भेज दें.
खुद महादेव भी नहीं बच पाए 
सब तबाह 
डूबने वाले को तिनके का सहारा 
जीना हो तो ऐसे जीओ: सेवा का जज्बा 

Monday, 22 April 2013

Vaccination Schedule In India

Recommended Schedule In India
S.l. No. 
4 -6 WEEKS 
10 WK 
9 -12 MONTHS 
15-18 MONTHS 
4-5 YR 

Sunday, 24 March 2013

Move Towards Developed and Empowered India

Institute of Generation Education & Empowerment

संस्थान गत १० वर्षों से शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है. शिक्षा के साथ समूल विकास की अवधारणा को स्थापित कर हम लोगों को प्रशिक्षित और उत्तरदायी बनाने का कार्य कर रहें हैं. आपसी सहभागिता और सशक्तिकरण के साथ एक नये विकसित भारत का निर्माण करने के लिए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण लक्ष्यों के साथ कार्य कर रहें हैं. वर्तमान में संस्थान अपने कार्य क्षेत्रों में परिवर्तन कर कुछ नये उद्देश्यों के साथ पुनर्गठित किया जा रहा है.

अगर हम अपनी आने वाली पीढी को एक समृद्ध और शांत समाज देना चाहते हैं तो हम सब को मिलकर एक प्रयास करना होगा अन्यथा अपने बच्चों के लिए एक शांत और समृद्ध समाज की कल्पना कैसे कर पायेंगें. यदि आपके समाज में कुछ लोग संसाधनों की कमी के कारण अपराध की दुनिया में कदम रखतें हैं तो बताइये क्या आपके बच्चे कल सुरक्षित होंगें? अपराध और अपराधी दोनों इसी समाज से या कहिये हमारे उत्तरदायित्वों को पूरा ना कर पाने के कारण पैदा होते हैं. इन्हें रोकने के लिए प्रयास भी हमें ही करने होंगें.

इन प्रयासों को मिलकर करें और जिन्दगी को आसान बनाएं. हम सब अपने कामों के साथ इस मंच पर आयेंगें और अपनी शैक्षिक योग्यता में उन्नति के साथ व्यवसायिक लाभ भी कमायेंगें. नेतृत्व के गुणों के विकास के साथ आर्थिक लाभ और बच्चों के लिए एक उन्नत भविष्य अगर ये सब मिलेगा तो कोई क्यों ना इस मुहिम से जुड़ेगा?
देश ही नहीं दुनिया के बड़े से बड़े संगठन हमने जुड़ना चाहते हैं, उत्तरप्रदेश में लखनऊ, कानपुर के साथ ५ अन्य स्थानों, बिहार से पटना, मोतिहारी और ७ अन्य स्थानों, उत्तराखंड में करीब ५ स्थानों, मध्यप्रदेश में २ स्थानों, महाराष्ट्र में मुंबई और पूने, कर्नाटक में बंगलोर, गुजरात में अहमदाबाद और साबरमती, प०बंगाल में कोलकाता, आसाम में सिलचर के साथ दुनिया के चार बड़े व्यवसायिक घराने हमारी मुहिम से समानांतर जुड़े हैं. इसके अलावा विश्व के तमाम देशों में समान सोच के १२ से ज्यादा संस्थान और संगठन इस मुहिम में हमारे साथ जुड़ रहें हैं. प्रवासी भारतीयों की एक बड़ी आबादी जो दुनिया के देशों में नेतृत्व कर रहें हैं हमारी इस मुहिम का समर्थन कर रहें हैं.

क्या लाभ है आपका क्यों जुड़ें आप इससे? ये सवाल उठना लाजमी है. क्या आप अकेले किसी मुहिम को चला कर मंजिल तक ले जा सकते हैं. हमें अपने घर को चलाने के लिए तमाम प्रकार की मदद चाहिए. इसीलिये किसी संगठन की सफलता भी उससे जुड़े लोगों से होती है. लाभ दीर्घकालिक लाभों की बात करें तो ये संघर्ष है ही आने वाली पीढी को जीने के लायक समाज देना. इसके अलावा हम सभी कहीं ना कहीं अपने त्ताकालिक स्वार्थों से जुड़ें हैं, हमारी इसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए संस्थान हमें कई प्रकार की सुविधाएं और आर्थिक लाभ करवाएगा. संस्थान जहाँ हमें अपने कार्यों और बिजनेस को बढाने के लिए एक बड़ा प्लेटफार्म देगा वहीं बच्चों के लिए शानदार शिक्षा की व्यवस्था भी करने जा रहा है. जिसमें आपके बच्चों को कम खर्च पर विश्व स्तरीय कोचिंग दी जायेगी. इसके अलावा समय-समय पर कई विशेषज्ञों को बुलाकर विशेष सलाह और काउंसलिंग करवाई जायेगी. इसके अलावा जो लोग अपनी शिक्षा को बढ़ाना चाहते हैं उन्हें सभी कोर्सों और रोजगार की जानकारी मुहैया करवाई जायेगी और कोर्स से सम्बंधित पूरी सहायता भी दी जायेगी. संस्थान कई कोर्स खुद भी चला रहा है, इन सभी कोर्सों को संस्थान से जुड़ा कोई भी सदस्य या कोई अन्य कर सकता है.
आपका स्वागत है इस मुहिम से जुड़ें और कल को सुरक्षित और सफल बनायें. कल शायद आप इस मुहिम से नहीं जुड़ पायेंगें. क्योंकि हम इन्तजार करने वालों के लिए रूक नहीं सकते हैं.

इन्तजार करने वालों को सिर्फ वो मिलता है जो आगे बढ़ने वालों ने छोड़ दिया था.
Institute of Generation Education and Empowerment is completely a volunteer organisation. We are not depend upon any government aid. It’s our effort so we make it self. We are the team of winners.

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Mobile: 8586081173/8595089669 Mail: igee.info@gmail.com Visit: mantraedu.blogspot.com

Separate Web portal for IGEE is under construction will be available in 5 Days.
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